मकर मेला राजगीर–नालंदा 2026 में दुधारू पशु प्रदर्शनी का आयोजन, विजेता पशुपालकों के बीच पुरस्कार राशि का वितरण
राजगीर (नालंदा)। मकर मेला, राजगीर–नालंदा 2026 के अवसर पर जिला प्रशासन एवं जिला पशुपालन विभाग, नालंदा के संयुक्त तत्वावधान में दुधारू पशु प्रदर्शनी का सफल आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए पशुपालकों ने देशी गाय, संकर गाय एवं भैंस की उन्नत दुधारू नस्लों का प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनी के मूल्यांकन के लिए पशु चिकित्सा पदाधिकारियों एवं जिला गव्य विकास अधिकारियों की अलग-अलग टीम गठित की गई थी। जज पैनल में जिला गव्य विकास पदाधिकारी जितेंद्र कुमार, पशु शल्य चिकित्सक डॉ. सपना कुमारी (बिहारशरीफ), अवर प्रमंडल पशुपालन पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार (हिलसा), डॉ. नागमणि एवं डॉ. शशि शंकर शामिल रहे। जजों ने प्रत्येक पशु की नस्ल, दुग्ध उत्पादन क्षमता, स्वास्थ्य स्थिति, रख-रखाव एवं पशुपालक द्वारा अपनाई गई प्रबंधन पद्धति का गहन निरीक्षण कर अंक प्रदान किए।

प्रभारी पदाधिकारी डॉ. प्रेम रंजन द्वारा सभी जजों से प्राप्त अंकों का संकलन कर विभिन्न वर्गों के परिणाम तैयार किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. रमेश कुमार ने पशुपालकों को सेक्स शॉर्टेड सीमेन से कृत्रिम गर्भाधान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से गाय एवं भैंसों में लगभग 90 प्रतिशत तक मादा बछिया होने की संभावना रहती है तथा यह सुविधा सरकारी पशु चिकित्सालयों में मात्र 150 रुपये में उपलब्ध है।
इसके बाद दुधारू पशु प्रदर्शनी के परिणामों की घोषणा की गई। मेला समिति के सदस्यों के साथ जिला पशुपालन पदाधिकारी एवं जिला गव्य विकास पदाधिकारी ने विजेता पशुपालकों को नकद पुरस्कार राशि एवं सम्मान पत्र प्रदान किए।
प्रदर्शनी में संकर गाय, देशी गाय एवं भैंस के लिए अलग-अलग वर्ग बनाए गए थे। प्रत्येक वर्ग में प्रथम पुरस्कार के रूप में 10 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 8 हजार रुपये तथा तृतीय पुरस्कार 6 हजार रुपये प्रदान किए गए। इसके अलावा सांत्वना पुरस्कार के रूप में 2 हजार रुपये की राशि भी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट पशुपालन कार्य करने वाले कई पशुपालकों को सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण के समय पशुपालकों में खासा उत्साह देखने को मिला। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि उन्नत पशुपालन तकनीक, बेहतर नस्ल सुधार और वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से पशुपालक अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
मकर मेला, राजगीर–नालंदा के माध्यम से पशुपालकों को प्रोत्साहित करना एवं जिले में पशुधन विकास को बढ़ावा देना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य रहा।
