बिहारशरीफ में लघु फिल्म ‘बोल कि लब आज़ाद हैं’ का प्री-रिलीज, मीडिया और समाज के रिश्तों पर उठाएगी सवाल
बिहारशरीफ, नालंदा । शहर के पालिका बाजार स्थित एक निजी संस्थान में मंगलवार को लघु फिल्म ‘बोल कि लब आज़ाद हैं’ का प्री-रिलीज कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस फिल्म के लेखक एवं निर्देशक बिहारशरीफ निवासी रंजीत चंद्रा हैं। फिल्म का प्रसारण बुधवार, 14 जनवरी को यूट्यूब पर किया जाएगा।
इस लघु फिल्म की खास बात यह है कि इसकी पूरी शूटिंग बिहारशरीफ शहर और रहुई प्रखंड के खिरौना गांव में की गई है। फिल्म की कहानी वर्तमान दौर में मीडिया की गिरती साख, उसकी भूमिका और नागरिक दायित्व जैसे गंभीर विषयों पर केंद्रित है।

प्री-रिलीज कार्यक्रम के दौरान निर्देशक रंजीत चंद्रा ने कहा कि आज के समय में मीडिया को लेकर जिस तरह की स्थितियां और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, उसने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया। इसी भावना से प्रेरित होकर उन्होंने इस विषय पर फिल्म बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि फिल्म के शीर्षक में ही इसकी मूल भावना छिपी हुई है। यह फिल्म केवल पत्रकारों के लिए ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी एक संदेश है कि वे मीडिया को मजबूत बनाने में अपनी भूमिका समझें और अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करें।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उनकी आगामी वेब सीरीज ‘अन्नू फ्रॉम परवलपुर नालंदा’ पर काम शुरू हो चुका है, जिसे जल्द ही दर्शकों के सामने लाया जाएगा।
प्री-रिलीज कार्यक्रम में निर्माता सागर राज चंद्रा, सुधाकर चंद्रा, संदीप कुमार, समीर राज, मनोज कुमार, प्रदीप कुमार, राहुल कुमार, नवनीत कृष्ण, सुभाष चंद्र पासवान, अमित कुमार और डॉ. लक्ष्मीकांत सिंह समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
