नालंदा विद्या मंदिर में बच्चों ने रचा विज्ञान का चमत्कार, बाल मेला बना आकर्षण का केंद्र, 300 नन्हे वैज्ञानिकों का कमाल

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नालंदा विद्या मंदिर परिसर में गुरुवार को विद्यालय द्वारा आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी सह बाल मेला में विज्ञान, कला, संस्कृति और स्वाद का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस आयोजन में 300 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना एवं छात्राओं द्वारा प्रस्तुत भक्तिमय लोक गीत से हुई, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक और उल्लासपूर्ण बना दिया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि जदयू के राष्ट्रीय महासचिव इंजीनियर सुनील कुमार तथा गेस्ट ऑफ ऑनर दिलीप कुमार (पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष) सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

बाल मेले में बच्चों ने विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों और नवाचारों को आकर्षक मॉडलों के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी में ट्रिगोनोमेट्री पार्क, पाइथागोरस प्रमेय, ज्वालामुखी का आंतरिक ढांचा, साइबर सिक्योरिटी मॉडल, एआई आधारित स्मार्ट सिटी, 3डी होलोग्राम, संसद भवन, जल संरक्षण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और चार्जिंग एग्रीकल्चर पैटर्न जैसे कुल 50 विज्ञान मॉडल लगाए गए, जिन्हें देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी।

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कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत मोबाइल की लत पर आधारित संदेशात्मक नृत्य ने सभी का ध्यान आकर्षित किया और समाज को जागरूक करने का सशक्त संदेश दिया। विज्ञान के साथ-साथ कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में भी बच्चों ने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी, रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम और व्यंजन मेला कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहे। व्यंजन मेले में चाय, चाइनीज फूड से लेकर पारंपरिक लिट्टी-चोखा तक के स्टॉल लोगों की पसंद बने रहे।

मुख्य अतिथि इंजीनियर सुनील कुमार ने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और विज्ञान के क्षेत्र में उनकी रुचि को बढ़ावा देते हैं, जो भविष्य में उत्तम बिहार और उत्तम भारत की नींव रखेगा। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की।

विशिष्ट अतिथि दिलीप कुमार ने कहा कि नालंदा विद्या मंदिर केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कारों का भी मंदिर है। यहां के छात्र-छात्राएं प्रतिभावान हैं और यह विद्यालय आने वाले समय में राज्य ही नहीं, बल्कि देश स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा।

विद्यालय के निदेशक आशीष रंजन ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य बच्चों की छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान करना है, ताकि वे शिक्षा के साथ-साथ विज्ञान, संस्कृति, खेल और अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ सकें। नालंदा सहोदया क्लस्टर के अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह ने बच्चों की रचनात्मकता की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज भारत विश्व की प्रमुख शक्तियों में शामिल है और इन बच्चों के कंधों पर देश का उज्ज्वल भविष्य टिका है।

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