नालंदा में सड़क हादसे में दो कारोबारियों की मौत, तेज रफ्तार बनी कारण
नालंदा जिले में बुधवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में दो युवा कारोबारियों की मौत हो गई। घटना दीपनगर थाना क्षेत्र के एनएच-20 बख्तियारपुर–रजौली फोरलेन फ्लाइओवर पर हुई। मृतक अपने-अपने परिवार के इकलौते बेटे थे, जिससे पूरे मोहल्ले में शोक की लहर है।
मृतकों की पहचान बिहार थाना क्षेत्र के खंदकपर मोहल्ला निवासी संजय कुमार के 21 वर्षीय पुत्र सोनू कुमार उर्फ सानू तथा लहेरी थाना क्षेत्र के मथुरिया मोहल्ला निवासी उदय शंकर प्रसाद के 23 वर्षीय पुत्र पीयूष कुमार के रूप में हुई है। दोनों के बीच पिछले पांच वर्षों से गहरी दोस्ती थी और वे साथ मिलकर कारोबार संभाल रहे थे।
बुधवार शाम दोनों पावापुरी कलेक्शन के लिए गए थे। लौटते समय सोनू अपनी R15 बाइक चला रहा था और पीयूष पीछे बैठे थे। बताया जाता है कि फ्लाइओवर पर बाइक का नियंत्रण हाई स्पीड में अचानक बिगड़ गया। घटनास्थल पर करीब 15 फीट तक टायर घिसटने के निशान मिले हैं, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि बाइक की रफ्तार 100 किमी प्रति घंटे से अधिक रही होगी।
सोनू के पिता संजय कुमार ने बताया कि जब रात साढ़े 11 बजे तक बेटा घर नहीं लौटा तो उन्होंने फोन किया। फोन उठाने वाले ने बताया कि एक्सीडेंट हो गया है और बेटा अस्पताल में भर्ती है। परंतु जब वे अस्पताल पहुंचे तो दोनों दोस्तों को मृत घोषित कर दिया गया था। हेलमेट पहनने के बावजूद सोनू के सिर में गंभीर चोटें आईं जबकि पीयूष को आंतरिक चोटें थीं और नाक से खून बह रहा था।
पीयूष की कहानी परिवार के लिए और भी दर्दनाक है। एक साल पहले उसकी मां का कैंसर से निधन हुआ था। करीब तीन महीने पहले पिता के एक्सीडेंट के बाद उसने परिवार के घी व्यवसाय की जिम्मेदारी संभाल ली थी। वह खुद ही सप्लाई करता था और कारोबार को आगे बढ़ाने में जुटा था। परिवार में उसका एक भाई और एक बहन है।
वहीं, सोनू फॉर्च्यून रिफाइंड ऑयल की एजेंसी का कारोबार देख रहा था। उसके परिवार में एक भाई और दो बहनें हैं। दोनों युवकों की मौत से दो परिवारों में मातम पसरा है।
ट्रैफिक थाना अध्यक्ष सुशील कुमार राहुल ने बताया कि परिजनों की ओर से अब तक कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण बताया गया है।
