‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’ बिहारशरीफ पहुंची, हॉस्पिटल मोड़ पर जनसभा; मीना तिवारी बोलीं– बलात्कारियों को बचा रही है सरकार
प्रेम सिंघानिया की रिपोर्ट
बिहारशरीफ। ‘बेटी बचाओ न्याय यात्रा’ के बिहारशरीफ पहुंचने पर करूणाबाग (सोहसराय) चौराहे पर फुटपाथी दुकानदारों ने फूल-माला पहनाकर न्याययात्रियों का स्वागत किया। इसके बाद हॉस्पिटल मोड़ पर आयोजित नुक्कड़ सभा में महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की मांग को लेकर जोरदार आवाज उठाई गई।
सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा (AIPWA) की महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि नीट की तैयारी कर रही छात्राओं से बलात्कार और हत्या की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ नारा पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है। माता-पिता अपनी बेटियों को पढ़ने भेजते हैं, लेकिन उन्हें उनकी मृत देह मिलती है।
उन्होंने कहा कि छात्राएं शंभु हॉस्टल और प्रिफेक्ट हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रही थीं, जहां उनके साथ बर्बर व्यवहार कर हत्या कर दी गई। पुलिस शुरू से ही मामले को आत्महत्या बताने में जुटी रही है। उन्होंने हाईकोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की मांग की और कहा कि न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही 10 फरवरी को पटना गांधी मैदान में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में माले जिला सचिव सुरेंद्र राम सहित सोहिला गुप्ता, संगीता सिंह, रीता वर्णवाल, लीला वर्मा, अंजुषा कुमारी, वंदना प्रभा, प्रीति कुमारी, सबीर कुमार, कुमार दिव्यम, प्रिया, मनीषा और अनु सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
न्याय यात्रा के स्वागत में हॉस्पिटल मोड़ पर पाल बिहारी लाल, अनिल पटेल, सुनील कुमार, वीरेश कुमार, राजेश कुमार, मकसूदन शर्मा, बाढ़न पासवान, बृज किशोर प्रसाद, किशोर साव, रामप्रीत केवट, विनोद रजक, सुभाष शर्मा, सत्यनारायण प्रसाद, दामोदर दास समेत सैकड़ों महिला-पुरुष शामिल हुए।
