बिहारश्री में ‘उमंग’ वार्षिकोत्सव की धूम, लोक संस्कृति और आधुनिकता का अद्भुत संगम
प्रेम सिंघानिया की रिपोर्ट
बिहारशरीफ (नालंदा)। स्थानीय गोरक्षिणी स्थित बिहारश्री विद्यालय में सत्र 2025-26 के वार्षिक वार्षिकोत्सव ‘उमंग’ का भव्य एवं रंगारंग आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक विषयों पर आधारित विविध प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। पूरे परिसर में उत्सव जैसा वातावरण बना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती ऋचा कुमारी द्वारा अतिथियों के परिचय एवं सम्मान के साथ किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार राज्य योजना बोर्ड के सलाहकार श्री विकास वैभव उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में नालंदा की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को शिक्षा, अनुशासन और परिश्रम के महत्व से अवगत कराया तथा उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर संगठन मंत्री श्री ख्याली राम, डॉ. अभय कुमार सिंह तथा दक्षिण बिहार प्रांत के प्रदेश सचिव श्री प्रदीप कुमार कुशवाहा भी उपस्थित रहे। डॉ. अभय कुमार सिंह ने अनुशासन को सफलता की कुंजी बताते हुए छात्रों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी, जबकि ख्याली राम ने भारतीय संस्कृति एवं स्वदेशी परंपराओं को अपनाने पर जोर दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में विद्यार्थियों ने ‘धरती गगन में होती है’, ‘हाँ हम बिहारी हैं जी’ और ‘ब्रज की होली’ जैसे मनमोहक नृत्यों के माध्यम से देशभक्ति और लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर आधारित नुक्कड़ नाटक ने आधुनिक तकनीकी युग की उपयोगिता और चुनौतियों को दर्शाया। वहीं सावित्रीबाई फुले पर आधारित प्रस्तुति ने महिला सशक्तिकरण का प्रभावशाली संदेश दिया। छोटे बच्चों के साथ उनकी माताओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को और भी आकर्षक बना दिया।

इसके अलावा योग प्रदर्शन और मिथिला की प्रसिद्ध लोक परंपरा ‘सामा-चकेवा’ की प्रस्तुति ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत से रूबरू कराया, जिसे खूब सराहना मिली।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के कोषाध्यक्ष श्री गिरधर गोपाल मुरारी सिन्हा ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। समारोह का समापन सामूहिक ‘वंदे मातरम’ गान एवं जलपान वितरण के साथ हुआ।
