रेल हादसे में खोया हाथ और मां, लेकिन हौसलों से रचा इतिहास: नालंदा की गोल्डी को राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
नालंदा : नालंदा की 16 वर्षीय दिव्यांग बेटी गोल्डी कुमारी को उनकी अदम्य साहस और उपलब्धियों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। गुरुवार को दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह अवॉर्ड प्रदान किया। गोल्डी ने 1 से 7 दिसंबर 2023 के बीच थाईलैंड में आयोजित विश्व पैरा ओलंपिक यूथ गेम्स में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए गोल्ड मेडल सहित तीन पदक जीते थे। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल देश का नाम रोशन किया बल्कि उनके संघर्ष और दृढ़ता की कहानी को भी दुनिया के सामने लाया।

बचपन में हादसे ने बदली जिंदगी
गोल्डी का जीवन कठिनाइयों से भरा रहा है। जब वह मात्र 10 महीने की थीं, तब पटना के खुसरूपुर में उनकी मां और दादी उन्हें डॉक्टर के पास ले जा रही थीं। बख्तियारपुर रेलवे जंक्शन पर हुए एक हादसे में गोल्डी ट्रेन की चपेट में आ गईं। इस दुर्घटना में उनका बायां हाथ कट गया, और उनकी मां का निधन हो गया। इसके बाद से उनकी नानी और दादी ने उनका पालन-पोषण किया।

संघर्षों के बीच सफलता की उड़ान
शारीरिक चुनौतियों के बावजूद गोल्डी ने कभी हार नहीं मानी। संत पॉल इंग्लिश स्कूल के प्राचार्य बीजू थॉमस के अनुसार, गोल्डी ने 8वीं कक्षा से खेलों में हिस्सा लेना शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने स्कूल स्तर पर सामान्य छात्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए पदक जीते। इसके बाद उन्होंने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

गोल्डी ने 13वीं राष्ट्रीय जूनियर और सब-जूनियर पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। उनकी इन उपलब्धियों ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका दिया।

पैरालंपिक में भारत के लिए मेडल जीतने का सपना
गोल्डी अब पैरालंपिक में भारत के लिए मेडल जीतने का सपना देख रही हैं। उनके साहस और उपलब्धियों ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और कठिन परिश्रम से हर चुनौती को पार किया जा सकता है।
उनकी कहानी आज लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

