केवीके हरनौत में समेकित कृषि प्रणाली पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, 25 जीविका दीदियों को मिला प्रमाणपत्र
राकेश पासवान की रिपोर्ट
हरनौत (नालंदा)। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) हरनौत में समेकित कृषि प्रणाली से जीविकोपार्जन विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार को प्रमाणपत्र वितरण के साथ संपन्न हो गया। प्रशिक्षण में जीविका समूह की 25 दीदियों ने भाग लिया और आधुनिक कृषि एवं स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
केंद्र की वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान डॉ. सीमा कुमारी ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा कृषि आधारित अतिरिक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पशुपालन, जैविक खेती, वर्मी कंपोस्ट निर्माण, पोषण वाटिका तैयार करने तथा गर्मा फसल की उन्नत तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से ग्रामीण महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और वे स्वरोजगार की दिशा में मजबूत कदम उठा सकेंगी।
प्रशिक्षण में विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने भी मार्गदर्शन दिया। गृह विज्ञान विभाग की वैज्ञानिक डॉ. ज्योति सिन्हा, मृदा विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. यू.एन. उमेश, पशु एवं चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. विद्याशंकर सिन्हा, उद्यान वैज्ञानिक कुमारी विभा रानी तथा प्लांट पैथोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. उदय प्रकाश नारायण ने अपने-अपने विषयों पर विस्तार से जानकारी साझा की।
अंतिम दिन डॉ. उदय प्रकाश नारायण ने मशरूम उत्पादन, पैकेजिंग एवं मार्केटिंग पर विशेष प्रशिक्षण दिया। इसमें मशरूम की गुणवत्ता बनाए रखने, आकर्षक पैकिंग करने तथा बाजार में उचित मूल्य पर बिक्री की तकनीक सिखाई गई।
मौके पर खुशबू, शोभा, रीतु समेत अन्य जीविका दीदियां उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
