डीएम कुंदन कुमार ने 102 स्कूलों को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बनाने का दिया निर्देश, योजनाओं की प्रगति पर सख्त समीक्षा
बिहारशरीफ (नालंदा)। जिलाधिकारी कुंदन कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं, विभागीय अनुदेशों के अनुपालन, प्रधानमंत्री पोषण योजना तथा शिक्षा लाइव क्लासेज की प्रगति की समीक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिले की शिक्षा व्यवस्था की समग्र प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान BRP एवं BEO के कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक बिंदुओं पर गंभीर चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बिहार सरकार की शिक्षा से जुड़ी सभी योजनाओं को बच्चों तक प्रभावी रूप से पहुँचाया जाए तथा उनके लाभों के बारे में विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को जागरूक किया जाए। उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए शिक्षा विभाग के सभी संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
डीएम ने जिले के 102 विद्यालयों को “Center of Excellence” के रूप में विकसित करने का आदेश दिया, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं नवाचारी शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके।
बैठक में लाइव क्लासेज, स्कूलों का ट्रांसफॉर्मेशन, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, तथा शिक्षा क्षेत्र में ठोस और सकारात्मक बदलाव लाने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण मध्यान भोजन उपलब्ध कराने एवं विद्यालयों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने शिक्षा व्यवस्था में नवाचार एवं तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल देते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक से जुड़कर ही शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जा सकता है।
इसके अलावा बिहार सरकार द्वारा जिले के सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज की स्थापना से संबंधित प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना रहा।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।
