मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल से बदली तस्वीर, बिहार की बेटियां बनीं राज्य की पहली महिला बस चालक
अनुमंडल संवाददाता नालंदा, गुड्डू कुमार की रिपोर्ट । विश्व के सर्वाधिक लोकप्रिय एवं जनप्रिय नेता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सामाजिक क्रांति और परिवर्तनकारी नीतियों का सकारात्मक परिणाम अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। उनकी प्रेरणा और सरकार की योजनाओं के तहत बिहार की बेटियां आज नई पहचान बना रही हैं। इसी कड़ी में राज्य की कई युवतियां बिहार की पहली महिला बस चालक बनकर इतिहास रचने जा रही हैं।
एक वर्ष पूर्व तक ये लड़कियां सामाजिक तानों और बेरोजगारी की वजह से निराश थीं। बस ड्राइविंग का प्रशिक्षण लेने के बावजूद उन्हें अवसर नहीं मिल पा रहा था। इनमें से पांच लड़कियों ने बाल विवाह को ठुकराकर आत्मनिर्भर बनने का रास्ता चुना और बस चालक बनने का साहसिक निर्णय लिया। ग्रामीण परिवेश से आने वाली इन बेटियों की दुनिया पहले घर और खेत तक सीमित थी, लेकिन समाजसेवी सुधा वर्गीज ने उन्हें हिम्मत और दिशा दी।
अब ये सभी युवतियां 14 फरवरी से सड़कों पर ‘पिंक बस’ चलाते हुए महिलाओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेंगी और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश करेंगी।
इस ऐतिहासिक और अनुकरणीय बदलाव के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा परिवहन मंत्री श्रवण कुमार के प्रति आभार और धन्यवाद व्यक्त किया गया है, जिनकी पहल से बेटियों को आगे बढ़ने का यह अवसर मिला है।
