चार पर्यटकों की संदिग्ध मौत की जांच को दिगम्बर जैन धर्मशाला पहुंची भाकपा माले की टीम, प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
अनुमंडल संवाददाता, राजगीर | राजीव लोचन की रिपोर्ट। राजगीर (नालंदा)। दिगम्बर जैन धर्मशाला में चार पर्यटकों की संदिग्ध मौत के मामले की जांच को लेकर रविवार को भाकपा माले की जिलास्तरीय टीम मौके पर पहुंची। टीम ने धर्मशाला प्रबंधन से घटना की जानकारी ली और व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।
जांच दल में जिला स्थायी समिति के सदस्य बिरेश कुमार, जिला कमेटी सदस्य रामाधीन प्रसाद तथा राजगीर इकाई के निरंजन भारती शामिल थे। टीम ने बताया कि 31 जनवरी को कर्नाटक से एक ही परिवार के चार जैन तीर्थयात्री राजगीर पहुंचे थे। इनमें 74 वर्षीय दिव्यांग महिला, 48 वर्षीय महिला, 42 वर्षीय महिला और 45 वर्षीय पुरुष शामिल थे। सभी धर्मशाला में ठहरे हुए थे, जहां उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
बिरेश कुमार ने कहा कि किसी भी होटल या धर्मशाला में प्रतिदिन कमरों की साफ-सफाई होती है, जिससे वहां ठहरे लोगों की स्थिति की नियमित जानकारी मिलती रहती है। लेकिन धर्मशाला प्रबंधन ने स्वीकार किया कि यहां कोई सफाईकर्मी नियुक्त नहीं है। इसे उन्होंने प्रबंधन की घोर लापरवाही बताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में पर्यटकों की सुरक्षा और निगरानी पर सवाल खड़े होते हैं।
वहीं निरंजन भारती ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राजगीर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक और तीर्थयात्री आते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि धर्मशाला में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा प्रबंधों की कमी चिंताजनक है।
टीम ने मांग की कि चारों पर्यटकों की मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और इस मामले में जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
