विकसित भारत रोज़गार एवं आजीविका मिशन पर प्रेस वार्ता आयोजित, ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का गारंटीकृत रोजगार मिलेगा : डीडीसी

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बिहारशरीफ (नालंदा)। उप विकास आयुक्त शुभम कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को विकसित भारत गारंटी रोज़गार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025 (VB-G RAM-G) से संबंधित प्रेस वार्ता आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए इसे ग्रामीण भारत के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

डीडीसी ने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रोजगार, स्वरोज़गार और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू की गई है। इसका मुख्य लक्ष्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना, पलायन रोकना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करना है।

उन्होंने बताया कि मिशन के तहत गारंटीकृत मजदूरी रोजगार की अवधि 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। रोजगार ऐसे कार्यों से जोड़ा जाएगा, जो जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना निर्माण, आजीविका परिसंपत्तियों के विकास और जलवायु अनुकूल परियोजनाओं से संबंधित हों। सभी योजनाएं ग्राम पंचायतों की स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार क्रियान्वित की जाएंगी।

यह योजना मनरेगा से आगे बढ़ते हुए अधिक एकीकृत और परिणामोन्मुख ढांचे में तैयार की गई है। परिसंपत्ति निर्माण को राष्ट्रीय स्तर के प्लेटफार्मों से जोड़ा गया है, जिससे योजनाओं के बेहतर समन्वय और संसाधनों के कुशल उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

डीडीसी ने बताया कि मिशन से सिंचाई सुविधा, भू-जल पुनर्भरण, ग्रामीण सड़क, भंडारण और बाजार अवसंरचना के विकास से किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को सीधा लाभ मिलेगा। रोजगार बढ़ने से ग्रामीण आय और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा पलायन में कमी आएगी।

किसानों के हित में बुआई और कटाई के मौसम में कार्यों को अस्थायी रूप से रोकने का प्रावधान किया गया है, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो। मजदूरी भुगतान को आधार आधारित पंजीकरण और डिजिटल प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे समय पर और पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित होगा। निर्धारित समय पर रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान भी किया गया है।

योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एआई आधारित निगरानी, रियल टाइम एमआईएस, जीपीएस सत्यापन और सामाजिक अंकेक्षण की व्यवस्था की गई है।

डीडीसी ने कहा कि इस मिशन के माध्यम से नालंदा जिले में मजदूरों, किसानों और जीविका समूहों के सदस्यों के सर्वांगीण विकास के लिए सतत प्रयास किए जाएंगे।

प्रेस वार्ता में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, डीआरडीए निदेशक, मनरेगा कार्यक्रम पदाधिकारी तथा प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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