राजस्व कर्मियों की बैठक में उठा समायोजन का मुद्दा, ‘राजस्व मित्र’ के रूप में बहाली की मांग तेज
रानी सिन्हा की रिपोर्ट
नालंदा। राजस्व पटवारी-मुंशी संघ, नालंदा के तत्वावधान में रविवार को परफेक्ट मैन हॉल में एक अति आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले भर से आए संघ के सदस्यों ने भाग लिया और राजस्व कर्मियों के अधिकार, समायोजन तथा भविष्य की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की।
बैठक में सरकार के ज्ञापांक-556 के तहत अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, बिहार सरकार से प्राप्त पत्र के आलोक में राजस्व ग्रामों एवं पंचायत स्तर पर कार्यरत कर्मियों की स्थिति पर विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जमींदारी उन्मूलन काल से ही राजस्व कर्मचारी के सहयोगी के रूप में ये कर्मी लगातार अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नियमित मान्यता नहीं मिल पाई है।

संघ के सदस्यों ने बताया कि वे वर्षों से सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। इसमें ILA तैयार करना, फेज निर्धारण, अभिलेख व दस्तावेज संधारण, भू-विवाद निपटारा, राजस्व महाअभियान, बैंकिंग कार्य, आपदा प्रबंधन, बाढ़ राहत, कोरोना काल में सेवा सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां शामिल हैं। इसके बावजूद उनकी सेवा शर्तें स्पष्ट नहीं हैं, जिससे उनके समक्ष आजीविका का संकट बना हुआ है।
बैठक में सर्वसम्मति से मांग की गई कि सभी कर्मियों को ‘राजस्व मित्र’ के रूप में समायोजित कर नियमित किया जाए, ताकि उनके जीवन-यापन और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। संघ ने बिहार सरकार एवं भूमि राजस्व विभाग से इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
अंत में निर्णय लिया गया कि मांगों से संबंधित ज्ञापन सरकार को भेजा जाएगा और जरूरत पड़ने पर आगे आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
