दिगंबर जैन धर्मशाला में चार तीर्थयात्रियों के शव मिलने से सनसनी, बेंगलुरु के रहने वाले थे सभी, बंद कमरे में फंदे से लटके मिले शव
अनुमंडल संवाददाता, राजगीर, राजीव लोचन की रिपोर्ट
राजगीर (नालंदा)। पर्यटक नगरी राजगीर स्थित दिगंबर जैन धर्मशाला में शुक्रवार को चार तीर्थयात्रियों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। धर्मशाला के एक कमरे से तीन महिलाओं और एक पुरुष का शव फंदे से लटका हुआ बरामद किया गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
मिली जानकारी के अनुसार सभी मृतक कर्नाटक के बेंगलुरु के निवासी थे और जैन धर्म के अनुयायी बताए जा रहे हैं। धर्मशाला इंचार्ज मुकेश जैन ने बताया कि चारों 31 जनवरी को नेपाल से होते हुए राजगीर पहुंचे थे और कमरा नंबर 6 एबी में ठहरे थे। कमरे की बुकिंग जी.आर. नागा प्रसाद के नाम से की गई थी।

बताया जा रहा है कि कमरे से दुर्गंध आने पर पुलिस को सूचना दी गई। दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर चारों शव फंदे से लटके मिले। तीनों महिलाओं के हाथ पीछे की ओर बंधे थे तथा उनके मुंह पर लाल रंग का टेप चिपका हुआ था, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक भारत सोनी, एसडीओ, डीएसपी सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।
पुलिस के अनुसार बेंगलुरु के स्थानीय थाना से मिली जानकारी में मृतकों की पहचान नागा प्रसाद, उसकी 73 वर्षीय मां और दो बहनों के रूप में हुई है। इनमें से एक बहन तलाकशुदा बताई जा रही है। कमरे से आधार कार्ड, पैन कार्ड, नकद राशि और काफी सामान भी बरामद हुआ है, जिससे प्रतीत होता है कि वे घर से पूरा सामान लेकर निकले थे।

फिलहाल धर्मशाला के स्टाफ, आसपास के लोगों और संपर्क में आए व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। एसपी ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा संचालित धर्मशालाओं में आगंतुकों की पहचान संबंधी सख्त नियम लागू करने पर भी विचार किया जाएगा, क्योंकि कमरे की बुकिंग के समय केवल नाम और आधार नंबर ही दर्ज किया गया था, जिससे जांच में कठिनाई हो रही है।
घटना को लेकर पूरे इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल है।
