स्वतंत्रता सेनानी व बिहार के प्रथम स्वास्थ्य मंत्री बाबू जगलाल चौधरी की 131वीं जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई
बिहारशरीफ। स्वतंत्रता सेनानी एवं बिहार के भूतपूर्व प्रथम स्वास्थ्य मंत्री बाबू जगलाल चौधरी की 131वीं जयंती बिहारशरीफ के आनंद मार्ग ब्लॉक चौक पर श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा एवं फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में उनके चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष रामदेव चौधरी ने कहा कि बाबू जगलाल चौधरी का जन्म 5 फरवरी 1895 को सारण जिले के गड़खा प्रखंड के मीटेपुर गांव में हुआ था। वे एक स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और प्रखर राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने महिलाओं के अधिकार, दलित उत्थान, शिक्षा और भूमि सुधार के लिए जीवनभर संघर्ष किया।
महात्मा गांधी के आह्वान पर उन्होंने अपनी चिकित्सा शिक्षा बीच में छोड़कर 1921 में असहयोग आंदोलन में हिस्सा लिया। वे जिला कांग्रेस कमेटी के सदस्य बने और 1937 में पहली बार बिहार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए। उस समय वे राज्य के चौथे मंत्री बने और 1938 में समाजहित में बिहार में शराबबंदी कानून लागू कराने में अहम भूमिका निभाई।
नमक सत्याग्रह और भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भागीदारी के कारण उन्हें कई बार जेल जाना पड़ा। 1942 के आंदोलन के दौरान उन्होंने गड़खा में सत्याग्रह का नेतृत्व किया, जिसके चलते उन्हें पांच वर्ष की सजा हुई। इस दौरान उनके पुत्र की भी पुलिस गोलीबारी में मौत हो गई। वे 1946 तक जेल में रहे।
1975 में उनका निधन हो गया। उनके सम्मान में छपरा में जगलाल चौधरी कॉलेज का नाम रखा गया है तथा 14 अगस्त 2000 को भारत सरकार ने उनके नाम पर डाक टिकट जारी कर उन्हें सम्मानित किया।
कार्यक्रम में महेंद्र प्रसाद, मोहम्मद सादिक अजहर, सुरेंद्र शर्मा, अजीत कुमार चौधरी सहित कई कार्यकर्ता एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।
