शहीद जगदेव प्रसाद व महाराज छीता पासी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई

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प्रेम कुमार की रिपोर्ट
बिहारशरीफ। शहर के आनंद मार्ग ब्लॉक चौक पर अति पिछड़ा दलित अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा एवं फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में शहीद जगदेव प्रसाद और महाराज छीता पासी की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर दोनों महापुरुषों के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए गए तथा उनके विचारों को याद किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं फुटपाथ संघर्ष मोर्चा के जिला अध्यक्ष रामदेव चौधरी ने कहा कि शहीद जगदेव प्रसाद बिहार के एक क्रांतिकारी राजनेता थे, जिन्हें ‘बिहार का लेनिन’ कहा जाता है। उन्होंने शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया।

उन्होंने बताया कि जगदेव प्रसाद का जन्म 2 फरवरी 1922 को जहानाबाद जिले के कुरहारी गांव में हुआ था। साधारण परिवार से आने के बावजूद उन्होंने शिक्षा प्राप्त की और समाज में समानता के लिए आंदोलन छेड़ा। वर्ष 1967 में वे कुर्था से संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के विधायक बने तथा 1968 में कुछ दिनों के लिए उपमुख्यमंत्री भी रहे। उन्होंने शोषित दल की स्थापना कर सामाजिक क्रांति का बिगुल फूंका। 5 सितंबर 1974 को आंदोलन के दौरान पुलिस गोलीबारी में उनकी शहादत हुई। वर्ष 2001 में उनके सम्मान में डाक टिकट भी जारी किया गया।

वक्ताओं ने महाराज छीता पासी को भी वीर योद्धा और न्यायप्रिय शासक बताते हुए उनके इतिहास पर प्रकाश डाला। बताया गया कि 12वीं सदी में उन्होंने वर्तमान उत्तर प्रदेश के सीतापुर क्षेत्र में शासन किया और छितियापुर (सीतापुर) की स्थापना की। उनके किले के अवशेष आज भी मौजूद हैं। पासी समाज उन्हें गौरवशाली इतिहास के प्रतीक के रूप में याद करता है और हर वर्ष 2 फरवरी को उनकी जयंती मनाई जाती है।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दोनों महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

इस मौके पर जिला महासचिव उमेश पंडित, महासचिव महेंद्र प्रसाद, नेता विनोद रजक, सोनू रजक, सुरेंद्र शर्मा, चंदन कुमार, राकेश बौद्ध सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

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