कैथी लिपि प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित, युवाओं को पुराने दस्तावेज पढ़ने की दी गई जानकारी
प्रेम सिंघानिया की रिपोर्ट
बिहारशरीफ (नालंदा)। इंटेक नवादा चैप्टर द्वारा मंगला स्थान स्थित ब्राइट माइंड स्कूल, बिहारशरीफ में त्रि-दिवसीय कैथी लिपि प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं ने भाग लेकर कैथी लिपि के लेखन व पठन की बारीकियों को सीखा।
कार्यक्रम के आयोजक प्रो. डॉ. बच्चन कुमार पांडे ने बताया कि हमारी संस्कृति और भाषा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा कैथी लिपि है, जो आज लगभग विलुप्त होती जा रही है। हमारे पूर्वजों द्वारा लिखे गए खतियान और पुराने दस्तावेज इसी लिपि में उपलब्ध हैं, इसलिए इसकी जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है।
प्रशिक्षक बकार अहमद एवं प्रीतम सर ने कैथी लिपि के तिरहुत, मगही और मिथिला संस्करणों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षुओं ने लिखकर और पढ़कर लिपि को समझने का अभ्यास किया।

प्रशिक्षु अमर राजपूत ने कहा कि आज के समय में जमीन-जायदाद से जुड़े विवाद बढ़ रहे हैं। ऐसे मामलों के समाधान के लिए युवाओं को पुराने दस्तावेज पढ़ना आना जरूरी है, इसलिए हर घर के कम-से-कम एक व्यक्ति को कैथी लिपि की जानकारी होनी चाहिए।
वहीं वरनौसा पंचायत की महिला मुखिया संध्या सिंह ने कहा कि पंचायत स्तर पर कई बार कागजात नहीं पढ़ पाने के कारण विवाद उत्पन्न होते हैं। इस प्रशिक्षण से ऐसे विवादों को सुलझाने में मदद मिलेगी।
आयोजक मंडली के चंदन कुमार ने बताया कि लगभग 130 प्रशिक्षु तीन दिवसीय प्रशिक्षण में भाग ले रहे हैं और उम्मीद है कि सभी यहां से कैथी लिपि का बेहतर ज्ञान प्राप्त कर पुराने दस्तावेज, खतियान व अन्य कागजातों को पढ़ने में सक्षम होंगे।
कार्यशाला में अनुपम कुमार, गोपाल यादव, सुमंत कुमार, कल्याणी सिंह, क्षमा भारद्वाज समेत सैकड़ों प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
