डीएवी पावरग्रिड पब्लिक स्कूल के बच्चों की प्रस्तुति ने मोहा मन, 77वें गणतंत्र दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों से झलकी भारत की एकता
नालंदा, बिहार शरीफ। 77वें गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर डीएवी पावरग्रिड पब्लिक स्कूल में प्राचार्य मनोज दूबे के कुशल नेतृत्व एवं विद्यालय परिवार के सहयोग से गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के नन्हे बच्चों से लेकर कक्षा बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों की प्रस्तुतियों ने मुख्य अतिथि, अभिभावकों और उपस्थित अतिथियों का मन मोह लिया। सभी ने एक स्वर में विद्यालय प्रबंधन तथा बच्चों का मार्गदर्शन करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं की सराहना की। मुख्य अतिथि एवं विद्यालय के प्राचार्य ने अपने संक्षिप्त संबोधन में संविधान के मूल तत्वों की जानकारी बच्चों के साथ साझा की और उन्हें अच्छे नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की खास विशेषता “भारत की विविधता में एकता” विषय पर आधारित प्रस्तुतियां रहीं। बच्चों ने पंजाबी नृत्य, गुजराती और मराठी लोक संस्कृति के माध्यम से यह संदेश दिया कि भले ही रूप अनेक हों, लेकिन भारत माता की आत्मा एक है। नन्हे बच्चों ने “फिर भी दिल है हिंदुस्तानी” गीत पर प्रस्तुति देकर गर्व और गौरव की अनुभूति कराई। वहीं यूकेजी के बच्चों ने “हम वक्त बदल देंगे, जज्बात बदल देंगे” जैसे जोशीले गीत पर अपनी चपलता और मासूम शरारतों से भविष्य की उड़ान के दर्शन कराए।
कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा द्वारा रामधारी सिंह दिनकर की कालजयी रचना “रश्मिरथी” की पंक्तियों की प्रस्तुति ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में आत्मअनुशासन, संस्कार, निरंतर आगे बढ़ने की भावना एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की झलक देखने को मिली।
इसी क्रम में सरकारी विद्यालयों में भी गणतंत्र दिवस की धूम देखने को मिली। आरजीएल उच्च विद्यालय छबीलापुर, बिहारशरीफ में भी गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर मेंटर शिक्षक अजय कुमार, प्रभारी प्रधानाध्यापक ओंकार देव आर्य सहित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने झंडोत्तोलन में भाग लिया।

कार्यक्रम में आगामी दिनों में प्रधानाध्यापक पदभार संभालने वाले युवा शिक्षक जैनेंद्र कुमार, कुंज बिहारी, कुंजेश, वरिष्ठ शिक्षक संजीत कुमार, अशोक कुमार, सुजीत कुमार, महिला शिक्षिकाओं में कल्पना, रेखा, शिखा कुमारी, सोनल, साक्षी, राखी कुमारी सहित हिंदी शिक्षक अजय कुमार, राकेश कुमार, शंकर कुमार राणा, अजय कुमार, रौशन कुमार सिंह, सुरजीत कुमार, मोहम्मद आफताब आलम, धीरज कुमार, शिशुपाल पांडे एवं सुशील सिंह उपस्थित रहे।
प्रभारी प्रधानाध्यापक ओंकार देव आर्य ने अपने संबोधन की शुरुआत संस्कृत श्लोक से करते हुए सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। वहीं अंत में मेंटर शिक्षक अजय कुमार ने संविधान की प्रस्तावना को आत्मसात करने और उसे जीवन में उतारने पर जोर देते हुए कहा कि
“हमें वह फूल नहीं बनना है जो हवा के एक झोंके से बिखर जाए, बल्कि वह फूल बनना है जो पहाड़ की छाती चीरकर बाहर निकले और आंधी-तूफानों को सहने की क्षमता रखता हो।”
