वैरा के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, मानसिक रूप से बीमार एवं दिव्यांगजनों के अधिकारों पर दी गई जानकारी
प्रेम सिंघानिया की रिपोर्ट,
नालंदा/इस्लामपुर। इस्लामपुर प्रखंड के खुदागंज थाना अंतर्गत वैरा स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, नालंदा विधिक सेवा प्राधिकार तथा अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति, हिलसा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
शिविर का संचालन नालंदा प्राधिकार के जिला जज गुरविंदर सिंह मल्होत्रा, सचिव राजेश कुमार गौरव, अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति हिलसा के अध्यक्ष सह एडीजे आलोक कुमार पाण्डेय, सचिव सह एसडीजेएम शोभना श्वेतांकी, पैनल अधिवक्ता विजय कुमार एवं हिलसा अनुमंडल कार्यालय स्थित लीगल सर्विसेज क्लीनिक में प्रतिनियुक्त पीएलवी आलोक कुमार के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य विषय “नालसा मानसिक रूप से बीमार एवं मानसिक रूप से दिव्यांग/अक्षम व्यक्तियों के लिए कानूनी सेवा योजना 2015” रहा।

निःशुल्क विधिक सहायता का उद्देश्य
परिचय सत्र में पीएलवी आलोक कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण का गठन 1987 में हुआ तथा 9 नवंबर 1995 से यह विधिवत रूप से पूरे देश में कार्यरत है। इसका उद्देश्य समाज के गरीब, वंचित, असहाय, आर्थिक रूप से कमजोर, दिव्यांग, महिला, पुरुष, बच्चे, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग सहित जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराना है। साथ ही समय-समय पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन कर सुलहनीय मामलों का निष्पादन किया जाता है।
मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों के अधिकार
पैनल अधिवक्ता विजय कुमार ने बताया कि मानसिक रूप से बीमार एवं अक्षम व्यक्तियों को सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा एवं न्यायालयों में कानूनी सहायता पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। संविधान के अनुच्छेद 14, 21 एवं 39(ए) के तहत उन्हें समानता, जीवन एवं निःशुल्क विधिक सहायता का अधिकार प्राप्त है।
उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध हैं, जहां स्क्रीनिंग, परामर्श, काउंसलिंग एवं प्राथमिक उपचार की सुविधा दी जाती है। सामुदायिक मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत ओपीडी, आईपीडी, दवा एवं योग समर्थन जैसी सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं। मानसिक बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, जिससे वे विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत व मध्यस्थता अभियान
अंत में पीएलवी आलोक कुमार ने जानकारी दी कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च 2026 को बिहार शरीफ एवं हिलसा कोर्ट परिसर में किया जाएगा, जिसमें सुलहनीय मामलों का निष्पादन किया जाएगा।
साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तहत “नालसा मेडिएशन – 2, मेडिएशन फॉर द नेशन” अभियान 1 फरवरी से 31 मार्च 2026 तक चलाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत अधिक से अधिक मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निपटारा किया जा रहा है।
इस अवसर पर डॉ. कल्पना सिन्हा (आयुष), राकेश सिंह (सीएचओ), संतोष कुमार (सीएचओ), चंदन राजा (सीएचओ), हिमांशु कुमार (सीएचओ), विमला कुमारी (एएनएम), संगम सरिता (एएनएम), पूनम कुमारी (आशा), संजू कुमारी (आशा), सुषमा प्रभा (आशा), गीता कुमारी (आशा), संगीता कुमारी, अनुभा रानी, स्मिता कुमारी, रिंकु कुमारी, सीताराम महतो, नारायण यादव, आशीष कुमार, पशुपति रविदास सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
