रहुई के शिवनंदन नगर पहुंची जांच टीम, ‘जल-जीवन-हरियाली’ के नाम पर घर तोड़े जाने का आरोप

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“जो जमीन सरकारी है, वो जमीन हमारी” — सत्यदेव राम

रानी सिंह की रिपोर्ट,

नालंदा। अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा की राज्य स्तरीय जांच टीम ने रहुई प्रखंड के शिवनंदन नगर पहुंचकर नवंबर 2025 में दलित-महादलित परिवारों के घर तोड़े जाने के मामले की पड़ताल की।

सभा के जिला सचिव रामधारी दास ने बयान जारी कर बताया कि ‘जल-जीवन-हरियाली’ योजना के नाम पर दर्जनों घरों को जमींदोज कर दिया गया था। इसके अलावा लगभग 120 घरों पर जिला प्रशासन द्वारा नोटिस चिपकाए जाने की भी बात सामने आई है।

जांच टीम में सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सत्यदेव राम, प्रदेश सचिव शत्रुघ्न सहनी, खेगामस के राज्य अध्यक्ष मनोज मंजिल, जिला सचिव रामधारी दास, भाकपा-माले के जिला स्थायी समिति सदस्य महेंद्र प्रसाद, इनोस के जिला अध्यक्ष वीरेश कुमार, विनोद रजक (भाकपा-माले बिहारशरीफ), बाढ़न पासवान (जिला कमेटी सदस्य), तथा शिव शंकर प्रसाद (प्रभारी, भाकपा-माले रहुई) सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।

सरकार पर साधा निशाना

शिवनंदन नगर में स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान सत्यदेव राम ने कहा, “जो जमीन सरकारी है, वो जमीन हमारी।” उन्होंने राज्य की ‘डबल इंजन सरकार’ पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार गरीब-विरोधी नीतियां अपना रही है और आम लोगों में असुरक्षा का माहौल है।

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उन्होंने कहा कि “सरकार जब बहरी और गूंगी हो जाती है, तब सड़कों पर बड़े-बड़े मुद्दों का समाधान होता है।” साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ‘बुलडोजर नीति’ के खिलाफ उनकी पार्टी एवं उससे जुड़े संगठन गरीब, मजलूम, दलित, आदिवासी और भूमिहीनों को संगठित कर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

जांच टीम ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रशासन से निष्पक्ष जांच तथा उचित पुनर्वास की मांग की। सभा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित परिवारों को न्याय नहीं मिला तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

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