चार लेबर कोड के खिलाफ सड़क पर उतरे छात्र–श्रमिक संगठन, नगरनौसा में किया प्रदर्शन
कुमार अभिषेक की रिपोर्ट, नगरनौसा (नालंदा)। केंद्रीय ट्रेड यूनियन एवं सेक्टोरल फेडरेशन संगठनों के राष्ट्रीय मंच के आह्वान पर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और छात्र संगठन स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के नेतृत्व में नगरनौसा प्रखंड में चार लेबर कोड के विरोध में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र, श्रमिक और स्थानीय लोग सड़क पर उतरकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसएफआई की राज्य अध्यक्ष कांति कुमारी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया चार लेबर कोड मेहनतकश मजदूरों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कानून कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने और श्रमिकों से 70 से 90 घंटे तक काम लेने की साजिश है। उन्होंने कहा कि विभिन्न बहानों से प्रतिदिन 12 घंटे काम कराने की व्यवस्था पहले ही लागू की जा रही है तथा कंपनियां अपनी मनमानी शर्तें और नियम मजदूरों पर थोप रही हैं।

उन्होंने आगे कहा कि देश में बेरोजगारी, महंगाई, बदहाली और आर्थिक असमानता लगातार बढ़ रही है। बाजार भाव के अनुसार मजदूरी में गिरावट आई है। साथ ही, गरीब ग्रामीणों के रोजगार से जुड़े मनरेगा को कमजोर कर ‘विकसित भारत रोजगार एवं जीविका गारंटी मिशन ग्रामीण कानून 2025’ जैसे नए प्रावधान लागू किए जा रहे हैं, जिससे श्रमिकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
वक्ताओं ने केंद्र सरकार के कथित जनविरोधी कानूनों का विरोध करते हुए कहा कि नगरनौसा सहित पूरे बिहार में डिग्री कॉलेज की मांग को लेकर एसएफआई का संघर्ष सफल रहा है। डिग्री कॉलेज भवन निर्माण और शिक्षण संस्थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस मौके पर सीपीआईएम नगरनौसा अंचल सचिव सुरेश प्रसाद, नरेश प्रसाद, विश्वानंद सिंह, एसएफआई जिला अध्यक्ष जयप्रकाश कुमार, धर्मदेव कुमार, सावित्री कुमारी, गायत्री कुमारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
