विदेशों तक पहुंचा निश्चलगंज का पेड़ा, अमेरिका और सऊदी अरब में भी बढ़ी मांग
नालंदा। नालंदा जिले का निश्चलगंज इन दिनों अपने पारंपरिक पेड़ा के स्वाद को लेकर देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी पहचान बना रहा है। यहां तैयार होने वाला पेड़ा अब अमेरिका और सऊदी अरब तक पहुंच रहा है, जहां लोग इसके खास स्वाद का आनंद ले रहे हैं।
स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, निश्चलगंज में करीब 40 से अधिक पेड़ा विक्रेता प्रतिदिन हजारों लीटर दूध से पहले आग पर सूखा खोवा तैयार करते हैं। पारंपरिक तरीके से बनाए गए इस खोवा से विशेष विधि द्वारा पेड़ा तैयार किया जाता है। गुणवत्ता और शुद्धता के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है।

दुकानदारों का कहना है कि पहले यह पेड़ा जिले और राज्य तक सीमित था, लेकिन अब व्यापार प्रदेशों के साथ-साथ विदेशों तक फैल चुका है। खासकर अमेरिका और सऊदी अरब में रहने वाले भारतीयों के बीच इसकी मांग अधिक है। कई लोग अपने रिश्तेदारों के माध्यम से या विशेष ऑर्डर देकर निश्चलगंज का पेड़ा मंगवा रहे हैं।
दुकानदार अश्वनी कुमार ने बताया की हम लोग शुद्ध दूध से पारंपरिक तरीके से पेड़ा बनाते हैं। पहले सिर्फ स्थानीय स्तर पर बिक्री होती थी, लेकिन अब बाहर के राज्यों और विदेशों से भी मांग आने लगी है। यह हमारे लिए गर्व की बात है।

दुकानदार शंकर प्रसाद गुप्ता ने बताया की प्रतिदिन हजारों लीटर दूध से खोवा तैयार कर पेड़ा बनाया जाता है। गुणवत्ता ही हमारी पहचान है। अमेरिका और सऊदी अरब तक हमारा पेड़ा जा रहा है, इससे निश्चलगंज का नाम रोशन हो रहा है।
निश्चलगंज का पेड़ा न केवल स्वाद के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का भी बड़ा साधन बन चुका है। लगातार बढ़ती मांग से व्यापारियों में उत्साह है और वे गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
