सरस्वती विद्या मंदिर में मातृ-पितृ पूजनोत्सव मनाया गया, बच्चों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देना जरूरी
अनुमंडल संवाददाता, राजगीर।
राजीव लोचन की रिपोर्ट।
राजगीर (नालंदा) : पूज्य तपस्वी श्री जगजीवन जी महाराज सरस्वती विद्या मंदिर हसनपुर में शनिवार को मातृ-पितृ पूजनोत्सव मनाया गया। इसका उद्घाटन नव नालंदा हाईस्कूल की शिक्षिका निष्ठा नंदिनी, शिक्षिका दिप्ती कौशिक एवं विद्यालय के उप-प्रधानाचार्य रामजी प्रसाद सिन्हा ने संयुक्त रूप से किया। सभी भैया-बहनों ने अपने माता-पिता के पैर धोकर, तिलक लगाकर पुष्पार्चन व आरती किया। छात्रों ने भारतीय संस्कृति पर गीत प्रस्तुत किया। मुख्य अतिथि निष्ठा नंदिनी ने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, नैतिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक ज्ञान देना चाहिए। दिप्ती कौशिक ने कहा कि माता-पिता की पूजा करें। उप-प्रधानाचार्य रामजी प्रसाद सिन्हा ने परिवारों की पुरानी परम्पराओं को स्मरण कराते हुए बताया आज घरों में भी बच्चों को उचित संस्कार एवं वातावरण नहीं मिल रहा है। घर में भी आध्यात्मिक वातावरण नहीं है। मुठिया निकालना, अतिथि सेवा, दादी-नानी की कहानी, पूजा-पाठ आदि संस्कारों से बच्चे दूर हैं। घर का वातावरण भी इन संस्कारों के अनुरूप नहीं है। मां आज अपना कैरियर बनाने के चक्कर में बच्चों को आया की देख-रेख में छोड़ आती है। मां की आंचल की छांव में जिस तरह से बच्चों का विकास होना चाहिए नहीं हो रहा है। विद्या भारती के विद्यालयों में 10 वर्षों से मातृ-पितृ पूजनोत्सव के माध्यम से बच्चो में माता-पिता के प्रति श्रद्धा सम्मान आदि की भावना का विकास करने का पूरा प्रयास हो रहा है। इस मौके पर आनंद कल्याणी, मीना प्रसाद, अक्षय कुमार वर्मा, मणिकांत कुणाल, रीना पांडेय, रीतिका कुमारी, सन्नी कुमारी, सोनी कुमारी, मीडिया प्रभारी राजीव अभय, गोपाल जी राय सहित अन्य मौजूद थे।
