देशव्यापी आम हड़ताल में शामिल हुए इंजन रिक्शा-ठेला चालक, कामकाज ठप कर किया प्रदर्शननिर्बाध परिचालन की कानूनी व्यवस्था की मांग
प्रेम सिंघानिया की रिपोर्ट, बिहार शरीफ (नालंदा) : देशव्यापी आम हड़ताल के समर्थन में इंजन रिक्शा-ठेला चालक संघ ने भी अपना कामकाज पूरी तरह ठप रखते हुए श्रमिकों के पक्ष में एकजुटता दिखाई। चालकों ने मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से श्रमिक हितों की रक्षा की मांग की।
इस अवसर पर संघ के जिला सचिव किशोर साव ने कहा कि चारों श्रम कोड मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करने वाले हैं, जिन्हें तत्काल समाप्त कर पुराने श्रम कानूनों को पुनः बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इंजन रिक्शा-ठेला चालकों के लिए निर्बाध परिचालन की कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें रोजी-रोटी कमाने में किसी तरह की परेशानी न हो।
उन्होंने मनरेगा को प्रभावी ढंग से पुनर्बहाल करने तथा ‘वीबी ग्रामजी कानून’ को रद्द करने की मांग भी उठाई। किशोर साव ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां मजदूर विरोधी और कॉरपोरेट परस्त हैं, जिसके कारण देश में गरीब और गरीब होते जा रहे हैं, जबकि अमीरों की संपत्ति लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि इस असमानता के खिलाफ संगठित होकर आवाज उठाना जरूरी है।
कार्यक्रम में अखिलेश कुमार, शंकर चौहान, धुरी साव, अरुण कुमार, इंद्रदेव चौधरी, माले नेता सुभाष शर्मा, संजय पासवान, छोटन यादव, चंदन कुमार सहित सैकड़ों इंजन रिक्शा-ठेला चालक मौजूद रहे।
