बिहार में एथलेटिक्स को मिलेगा नया आयाम: 400 मीटर के लिए बनेगी अत्याधुनिक अकादमी, वैज्ञानिक प्रतिभा पहचान अभियान को मिली मंजूरी

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पटना, बिहार। पोर्टब्लेयर में आयोजित एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) की एग्जीक्यूटिव कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक में बिहार में एथलेटिक्स के विकास को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। इन फैसलों को राज्य में खेल प्रतिभाओं के लिए नई संभावनाओं का द्वार खोलने वाला माना जा रहा है।

बैठक में शामिल होने पहुंचे बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि बिहार में एथलेटिक्स के विकास और प्रतिभा संवर्धन को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने के लिए ठोस रणनीति पर सहमति बनी है।

400 मीटर के लिए बनेगी अत्याधुनिक अकादमी

बैठक में विशेष रूप से 400 मीटर दौड़ के लिए बिहार में एक अत्याधुनिक एथलेटिक्स अकादमी स्थापित करने पर सैद्धांतिक सहमति दी गई। इस संबंध में फेडरेशन शीघ्र ही विस्तृत प्रस्ताव बिहार राज्य खेल प्राधिकरण को भेजेगा। यह अकादमी राज्य के उभरते धावकों के लिए उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का केंद्र बनेगी और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगी।

अंजू बॉबी जॉर्ज की अध्यक्षता में बनेगी समिति

राज्य में एथलेटिक्स प्रतिभाओं की पहचान को वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित आधार देने के उद्देश्य से एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया। इस समिति की अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज करेंगी। समिति बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के पास उपलब्ध खिलाड़ियों के आंकड़ों का विश्लेषण कर संभावनाशील प्रतिभाओं का चयन करेगी।

कोच विकास कार्यक्रम पर जोर

बैठक में प्रशिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर भी विशेष बल दिया गया। राज्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ‘स्टेट स्पेसिफिक कोच डेवलपमेंट प्रोग्राम’ संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इससे स्थानीय प्रशिक्षकों की क्षमता में वृद्धि होगी और खिलाड़ियों को बेहतर तकनीकी मार्गदर्शन मिल सकेगा।

जमीनी स्तर पर चलेगा प्रतिभा पहचान अभियान

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने यह भी सहमति दी कि वह बिहार राज्य खेल प्राधिकरण द्वारा चिन्हित क्षेत्रों में अपने विशेषज्ञों की टीम भेजेगा। ये टीमें जमीनी स्तर पर प्रतिभा पहचान अभियान चलाकर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का कार्य करेंगी।

पोर्टब्लेयर में लिए गए इन निर्णयों को बिहार में एथलेटिक्स के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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