हॉर्टिकल्चर कॉलेज नूरसराय में टिशू कल्चर आधारित आलू के विषाणु-मुक्त बीज उत्पादन तकनीक पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

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रानी सिन्हा की रिपोर्ट – नूरसराय (नालंदा): बामेती पटना के सौजन्य से उद्यान महाविद्यालय नूरसराय में टिशू कल्चर आधारित आलू के विषाणु-मुक्त बीज उत्पादन तकनीक विषय पर तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। प्रशिक्षण में नालंदा, पटना, जहानाबाद, गया, मुंगेर और वैशाली जिलों के कृषि प्रसार पदाधिकारी एवं प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रणधीर कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने किसानों को विभिन्न आलू किस्मों, उन्नत उत्पादन तकनीकों तथा रोगमुक्त और गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने की वैज्ञानिक पद्धतियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टिशू कल्चर तकनीक के माध्यम से स्वस्थ, उच्च उत्पादकता वाले एवं रोग प्रतिरोधी पौधों का बड़े पैमाने पर उत्पादन संभव है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि और बीज उत्पादन की स्थिरता सुनिश्चित की जा सकती है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. शशांक शेखर सोलंकी एवं अन्य कृषि वैज्ञानिकों ने किया। विशेषज्ञों ने बताया कि टिशू कल्चर आधारित विषाणु-मुक्त बीज उत्पादन तकनीक आलू बीज उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसे व्यापक स्तर पर किसानों तक पहुंचाने की आवश्यकता है। इससे क्षेत्रीय कृषि विकास को नई दिशा मिलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

इस अवसर पर डॉ. एस.एस. सोलंकी, डॉ. बिनोद कुमार, डॉ. अनुपम आदर्श, डॉ. सुनील कुमार यादव, डॉ. परवीन फातिमा, डॉ. पंकज कुमार मंडल सहित अन्य वैज्ञानिक एवं अधिकारी मौजूद रहे।

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