महाशिवरात्रि पर्व को लेकर बारा बिगहा गांव में निकाली गई शिव पार्वती की झांकी
रानी सिन्हा की रिपोर्ट, नूरसराय। नालंदा महाशिवरात्रि पर्व को लेकर प्रखंड क्षेत्र के बारा बिगहा गांव स्थित महावीर स्थान में 24 घंटे का अखंड कीर्तन का आयोजन किया गया।अखंड कीर्तन से पूर्व कलश शोभा यात्रा निकाली गई।कलश शोभा यात्रा के साथ शिव पार्वती की झांकी भी निकाली गयी। कलश शोभा यात्रा में 151 ग्रामीण महिलाएं व कन्याओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुखिया शोभा देवी ने महिलाओं के सिर पर कलश रखकर किया।कलश शोभा यात्रा व शिव पार्वती की झांकी महावीर स्थान से निकलकर बारा बिगहा गांव के गलियों से होते हुए खरजमा गांव पहुंची और वापस महावीर स्थान पहुंचकर शोभा यात्रा समाप्त किया गया।शोभा यात्रा के दौरान शिव व पार्वती के द्वारा पंचायत भवन के परिसर में बरगद का पौधरोपण कर लोगों को पर्यावरण का संदेश दिया गया। शोभा यात्रा में शामिल श्रदालुओं ने हर हर महादेव,जय श्री राम व बोल बम का नारा लगाते देखे गये। शिव गीत के धुनों पर श्रद्धालु थिरकते भी देखे गए।शिव पार्वती की झांकी को द्वखने के लिए हर कोई आतुर दिखे। शोभा यात्रा समाप्ति के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पुरोहित ने 24 घंटे का अखंड कीर्तन का शुरुआत किया।हरे राम हरे कृष्ण की ध्वनि से पूरा गांव गुंजायमान हो गया। मुखिया शोभा देवी ने कहा कि इस तरह की धार्मिक कार्य होने से लोगों में आपसी मिल्लत व भाईचारा बना हुआ रहता है। “हरे कृष्ण, हरे राम” मंत्र में ‘हरे’ का अर्थ केवल पुकार नहीं, बल्कि परम स्मरण है। ‘हरे’ शब्द महादेव के उस स्वरूप की याद दिलाता है जो साक्षात भगवान विष्णु की भक्ति में लीन हैं। ‘कृष्ण’ और ‘राम’ — दोनों ही भगवान विष्णु के अवतार हैं।वहीं सिद्धार्थ ने भगवान शंकर,मोहित ने माता पार्वती,अनिकेत ने हनुमान व पीयूष ने भूत पिचास की भूमिका अदा किया।
