राजगीर में महाशिवरात्रि पर सरस्वती तट पर भव्य गंगा महाआरती, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
राजगीर (नालंदा)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जिले के ऐतिहासिक नगर राजगीर में सरस्वती नदी के तट पर भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने राजगीर की सांस्कृतिक जीवंतता और आध्यात्मिक परंपरा को भी सजीव रूप में प्रस्तुत किया।
महाशिवरात्रि जैसे पावन दिन पर प्राचीन राजगृह की धरती पर आयोजित इस महाआरती ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम में गया के प्रसिद्ध पांडा स्वामी उपकर बाबा एवं राजगीर पंडा सचिव विकास उपाध्याय की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की महत्ता को और बढ़ा दिया।

सैकड़ों श्रद्धालु सरस्वती नदी तट पर एकत्रित हुए और वैदिक मंत्रोच्चार, घंट-घड़ियाल और दीपों की रोशनी के बीच महाआरती में भाग लिया। पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों के प्रति लोगों में गहरी आस्था है।
उल्लेखनीय है कि राजगीर, जिसे प्राचीन काल में राजगृह के नाम से जाना जाता था, अपनी पंच पहाड़ियों और गरम जल कुंडों—विशेषकर ब्रह्मकुंड—के लिए विश्व प्रसिद्ध है। सरस्वती नदी का तट भी यहां आध्यात्मिक शांति और साधना का प्रमुख स्थल माना जाता है। इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है।
इस अवसर पर वार्ड पार्षद विकास कुमार, पूर्व बार परिषद सूरज यादव समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया।
