विभिन्न मांगों को लेकर सफाई कर्मियों का प्रदर्शन, नगर पंचायत कार्यालय के पास किया कार्य बहिष्कार
राकेश पासवान की रिपोर्ट, हरनौत (नालंदा)। हरनौत नगर पंचायत के सफाई कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर पंचायत कार्यालय के पास विरोध प्रदर्शन किया। कार्य बहिष्कार करते हुए सैकड़ों सफाई कर्मियों ने एकजुट होकर बैनर तले जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया।
प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मियों ने हरनौत बाजार के रांची रोड, गोनावा रोड, हरनौत रेलवे स्टेशन, डाक बंगला रोड, चंडी मोड़ और बीच बाजार सहित विभिन्न इलाकों में घूम-घूमकर जुलूस निकाला और अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान कुछ देर के लिए सर्विस लेन पर जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो गई, जिसे बाद में हटा दिया गया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं आशा देवी ने बताया कि नगर पंचायत में 100 से अधिक सफाई कर्मी वर्षों से नियमित रूप से सभी वार्डों में सफाई कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें न्यूनतम मजदूरी तक नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों को स्थायी नियुक्ति नहीं दी जाती, जिससे हमेशा नौकरी छूटने का डर बना रहता है और उनके परिवार का भविष्य असुरक्षित है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरी में कटौती भी की जाती है। प्रतिदिन 428 रुपये का भुगतान किया जाता है, जिसमें से पीएफ की कटौती होती है, लेकिन पीएफ की राशि का लाभ कर्मियों को नहीं मिल पाता। बढ़ती महंगाई में इतनी कम मजदूरी से घर-परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। अस्थायी रोजगार के कारण वे अपने बच्चों की पढ़ाई भी ठीक से नहीं कर पा रहे हैं।
सफाई कर्मियों ने सरकार से न्यूनतम मजदूरी, स्थायी नियुक्ति और श्रमिक हित में ठोस निर्णय लेने की मांग की है। एक दिन के कार्य बहिष्कार के कारण नगर पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था प्रभावित रही और कई स्थानों पर कूड़े-कचरे के ढेर लग गए।
प्रदर्शन में रामकली देवी, बेला देवी, अमर मलिक, बबलू पासवान, इंद्रदेव मांझी, सागर, मनोज, आनंदी, कैलाश, चंद्रशेखर, सुनीता, किशोर, संजय सहित सैकड़ों सफाई कर्मी मौजूद थे।
वहीं, इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी सौरभ सुमन ने बताया कि देशव्यापी संगठन के आह्वान पर सफाई कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि केवल हरनौत ही नहीं, बल्कि पूरे नालंदा जिले में सफाई कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन किया है।
